सफलता का रहस्य I Blog 11 - Divyesh k DIvyvani
सफलता का रहस्य स्वागत है आपका दिव्येश की दिव्य वाणी में राम और श्याम दोनों दोस्त थे। दोनों साथ में ही बड़े हुए थे। अब वह दोनों बड़े हो गए थे और काम की तलाश में थे। गांव के पास में ही एक कंपनी शुरू हुई थी तो उन्होंने सोचा की वही पे तलाश की जाये। वो दोनों पहुंच गए कंपनी पर और काम के बारे में पूछा। कंपनी के मेनेजरने बताया की जंगल से लकड़ी काटने का काम है तो दोनों ने उस काम को स्वीकार कर लिया। दूसरे दिन से दोनों काम पर लग गए। एक महीने बाद जब काम का पैसा मिला तो राम को ज्यादा और श्याम को बहुत काम पैसा मिला था। श्यामने मेनेजर से फरियाद की हम दोनों ने एक ही दिन एक साथ काम शुरू किया था तो ऐसा फर्क क्यों की राम को ज्यादा पैसा मिला और मुझे इतना कम? मेनेजर ने कहा मैंने तो काम के हिसाब से पैसा दिया है तुम ने राम के मुकाबले काफी कम लकडिया काटी है तो तुमको उस हिसाब से कम पैसा मिला है। श्याम ने राम से पूछा के तुमने इतनी ज्यादा लकडिया कैसे काट ली? तब राम ने श्याम से पूछा की तुमने अपनी कुल्हाड़ी की धार को आखिरीबार कब तेज किया था? में जब भी कोई पेड़ काटता तो उसके बाद सबसे पहले अपनी कुल्हा...