कैसे लघुताग्रंथि से छुटकारा पाए? I Blog 6 - Divyesh ki Divyvani

कैसे लघुताग्रंथि से छुटकारा पाए?


स्वागत है आपका दिव्येश की दिव्य वाणी में

कई बार आपने देखा होगा कुछ लोग लघुताग्रंथि के शिकार हो जाते है और उनमे काबिलियत होने के बावजूद आगे नहीं बढ़ पाते है। आज के इस एपिसोड में हम जानेंगे कैसे हम लघुताग्रंथि से छुटकारा पा सकते है और खुद को आगे ले जा सकते है।

एक आदमी मेले में गुब्बारे बेच रहा था। उसके पास अलग अलग रंग के गुब्बारे थे। जब कभी उसकी बिक्री कम होती तो वह एक गुब्बारा गैस भरके हवा में छोड़ देता। उसे देखके बच्चे अपने मातापिता के पास गुब्बारा लेनेकी इच्छा व्यक्त करते और उसकी बिक्री फिर से बढ़ जाती। एक दिन मेले में एक छोटा सा लड़का उसके पास आया और उसने गुब्बारेवाले से ये पूछा की "अगर वह काले रंग का गुब्बारा छोड़ेंगे तो क्या वह भी हवा में उड़ेगा?" वह समज गया और उसने बच्चे के सर पर हाथ रखकर कहा "गुब्बारा अपने रंग की वजह से नहीं पर उसके अंदर क्या है इसकी वजह से हवा में उड़ता है।"

दोस्तों यही बात हम सब पर और हमारे जीवन में भी उतनी ही लागु होती है, हम कई बार खुद ही ऐसी बेड़िया पहनकर बैठ जाते है और खुद ही अपने आप को रोका करते है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की आप काले है या गोरे, आप मोटे है या पतले, आप किस जाती या धर्म में पैदा हुए है, आप अमीर है या गरीब। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है की आप के अंदर क्या है? अगर आप के अंदर जीतने की चाह है, अगर आप के अंदर अपने सपनो को पूरा करने का हौसला है, अगर आप के अंदर किसी भी परिस्थिति से मुकाबला करने की हिम्मत है तो फिर दोस्तों कोई भी मुश्किल क्यों न हो कोई आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता। अपने आप पर भरोसा कीजिये, उठिये और आगे बढिये। सफलता आपका इंतज़ार कर रही है।    

आशा करता हूं कि आपको यह ब्लॉग अच्छा लगा होगा और आपके जीवन में बदलाव लाने में उपयोगी होगा। इस ब्लॉग को ज्यादा से ज्यादा लोगों को फॉरवर्ड कीजिए ताकि और किसी की जिंदगी में भी बदलाव आ सके। ऐसे ही और ब्लॉग को पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें हमारा चैनल दिव्येश एम डाभी और पढ़ते रहिए दिव्येश की दिव्य वाणी।

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